एड्रिएन रिच की कविताएं
अमेरिकी नारीवादी कवयित्री एड्रिएन सिसिल रिच (16 मई, 1929) अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता व प्रगतिशीलता के लिए विख्यात रही हैं। इसी वर्ष 27 मार्च को उनका देहांत हो गया। दो प्रेम कविताएं एक इस शहर में जहां भी, स्क्रीन जगमागाते हैं पोर्नोग्राफी से, विज्ञान कथाओं के राक्षस भाड़े के पीडि़त लोग कोड़े से बिलबिलाते हैं, हम [Read the Rest...]
‘जो कहा जाना चाहिए’ सो कहा जाना चाहिए
खराब कविता बनाम बड़ा सरोकार: एक टिप्पणी जर्मन कथाकार, कवि, मूर्तिकार और लेखक गुंटर ग्रास की कविता ‘जो कहा जाना चाहिए’ मात्र लेखक की सामाजिक भूमिका के संदर्भ में एक महत्त्वपूर्ण टिप्पणी नहीं है बल्कि लेखकों, रचनाकारों और कलाकारों को एक आह्वान भी है कि जब चीजें सर से गुजर जाएं तो चुप नहीं रहना [Read the Rest...]
Recent Comments