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भूपेन सिंह

भूपेन सिंह

भारत के कॉरपोरेट संपादक और ब्रिटेन की लेवसन रिपोर्ट

भारत के कॉरपोरेट संपादक और ब्रिटेन की लेवसन रिपोर्ट

Author: भूपेन सिंह Edition : January 2013

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) ने पिछले दिनों दक्षिण दिल्ली के अपने शानदार ऑफिस में पत्रकारिता की वर्तमान हालत पर एक बातचीत का आयोजन किया। इसमें ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) के प्रतिनिधियों के अलावा न जाने किस गलती से मुझ जैसे कुछ एक्टिविस्ट और पत्रकारों को भी बुला लिया गया। बहस में बीईए के महासचिव [Read the Rest...]

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सिटिजन जैन और भारतीय मीडिया के अनाचार की कहानी

सिटिजन जैन और भारतीय मीडिया के अनाचार की कहानी

Author: भूपेन सिंह Edition : November 2012

”तुमसे मुझे सहानुभूति है। तुम समझते हो कि मैं एक बदमाश हूं, मेरे अखबार को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए, मेरी जांच के लिए कमेटी गठित की जानी चाहिए। तुम चाहो तो ऐसी कमेटी गठित कर सकते हो। लेकिन मुझसे कमेटी के लिए चंदा लेना मत भूलना।” -चाल्र्स फॉस्टर केन, सिटीजन केन का नायक [Read the Rest...]

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मीडिया : कोयले की दलाली से कोयले के व्यापार तक

मीडिया : कोयले की दलाली से कोयले के व्यापार तक

Author: भूपेन सिंह Edition : October 2012

भारत में कोयला घोटाले ने एक बार फिर तथाकथित लोकतांत्रिक संस्थाओं के चेहरे से नकाब हटाने के काम किया है। एक लाख छियासी हजार करोड़ की कोयले की दलाली में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ पक्ष-विपक्ष के कई नेता तो कटघरे में हैं ही, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दम भरने वाला समाचार मीडिया [Read the Rest...]

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पत्रकारिता का नीतिशास्त्र

पत्रकारिता का नीतिशास्त्र

Author: भूपेन सिंह Edition : September 2012

गुवाहाटी में एक लड़की को सरेआम अपमानित किया जाता है। उसके कपड़े फाड़े जाते हैं और उस पर अश्लील टिप्पणियां की जाती हैं। पास खड़ी भीड़ तमाशा देखती रहती है। मीडिया में कवरेज मिलने के बाद यह घटना राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती है। लड़की को अपमानित करने वाले हैवानों की आलोचना होने लगी। टीवी [Read the Rest...]

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मीडिया शिक्षण का व्यापार

मीडिया शिक्षण का व्यापार

Author: भूपेन सिंह Edition : July 2012

जून के पहले हफ्ते में मुंबई के अंग्रेजी टेबलॉयड अखबार मिड डे में मुंबई प्रेस क्लब की तरफ से दिया गया एक विज्ञापन छपा था। उसमें लिखा था ”मुंबई प्रेस क्लब ऑफर्स थ्री मंथ्स कोर्स इन पब्लिक रिलेशंस एंड मीडिया मैनेजमेंट” (मुंबई प्रेस क्लब जन संपर्क और मीडिया प्रबंधन में तीन महीने के पाठ्यक्रम के [Read the Rest...]

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लोकतंत्र में समाचार की कीमत

लोकतंत्र में समाचार की कीमत

Author: भूपेन सिंह Edition : June 2012

बहुराष्ट्रीय कंपनियों का तौर-तरीका लगभग एक-सा है। फर्क सिर्फ यह है कि कहीं वह बहुत अपराधिक है और कहीं बहुत खुला हुआ। कॉरपोरेट मीडिया संगठन, पाठकों/दर्शकों को धंधे की वस्तु समझकर आकर्षित करते हैं और आखिरकार उन्हें विज्ञापनदाताओं को बेच देते हैं। – डैलस स्माइथ एक ऐसा कॉरपोरेट अखबार है द हिंदू जो प्रगतिशील और [Read the Rest...]

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अब तक सबसे ज्यादा पढ़े गये

  • भारत में सिनेमा के सौ साल – 1 - 1,835 लोगों ने पढ़ा
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  • मीडिया और मोदी - 1,198 लोगों ने पढ़ा
  • बांध : विकास नहीं विनाश का पर्याय - 1,128 लोगों ने पढ़ा
  • मजदूर वर्ग और साम्राज्यवादी युद्धों पर कुछ विचार – 1 - 989 लोगों ने पढ़ा

हाल में ज्यादा पढ़े गये

  • लेख : समाजवाद नए समाज की मांग करता है
  • अस्मिता की राजनीति असली संघर्षों से ध्यान बंटाती है
  • वामपंथ ने जेंडर के सवाल को पूरी तरह छोड़ दिया
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  • समीक्षा : लखनवी छोरा
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