फैजाबाद के दंगे में मीडिया की भूमिका
कृष्ण प्रताप सिंह जैसा कि अयोध्या फैजाबाद पर घहराने वाली प्राय: हर विपदा के समय होता है, बीते दशहरे 24 अक्टूबर को फैजाबाद में हुए उपद्रवों के दौरान हिंदी प्रिंट मीडिया के एक बड़े हिस्से की भूमिका उसकी पेशागत नैतिकताओं के विरुद्ध और निहायत गैरजिम्मेदाराना रही। इस हद तक कि किसी को भी बरबस 1990-92 [Read the Rest...]
अब डिमांड पर दंगे?
हैदराबाद के पुराने हिस्से में भड़के दंगे की आग अब थम सी गयी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अब चीजें सामान्य हो जाएंगी, मगर इस छोटेसे अंतराल में सैदाबाद एवं मदन पेट इलाके के आम नागरिकों पर क्या गुजरी इसकी भरपाई क्या कभी हो पाएगी, यह सवाल विचारणीय हो उठा है। दंगों के बारे [Read the Rest...]
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