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संपादक : पंकज बिष्ट
संपादन सहयोग : अनूप कुमार तिवारी
संपादन सहायक :  सुभाष कुमार गौतम
व्यवस्था: ठाकुर प्रसाद चौबे
टाइपसेटः राधा

चंदे की दरें – सामान्य

एक वर्षः Œरु. 250.00
दो वर्षः Œरु. 350.00
तीन वर्षः Œरु. 450.00
पांच वर्षः Œरु. 650.00

चंदे की दरें – मित्र

एक वर्षः Œरु. 300.00
दो वर्षः Œरु. 500.00
तीन वर्षः Œरु. 700.00
पांच वर्षः Œरु. 1000.00

छात्रों के लिए (प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर)

एक वर्ष के लिएः Œरु. 150.00
दो वर्ष के लिएः Œरु. 250.00

संस्थाओं के लिए

एक वर्षः Œरु. 350. 00

(रजिस्टर्ड डाक से मंगवाने के लिए एक वर्ष के क्रपया रु. 250 अतरिक्त भेजें )

आजीवन 

दस हजार रुपया 

दस वर्ष : पाँच हजार रुपया

विदेशों में (हवाई डाक से)

एक वर्षः 25 अमेरिकी डालर : One Year : $25;

नेपाल-एक प्रति : रु 30

कृपया चंदा मनिआर्डर अथवा डिमांड ड्राफ्ट से ही समयांतर के नाम भेजें। (शीघ्र ही ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था की जायेगी). सिर्फ स्थानीय चेक स्वीकार्य हैं।

समयांतर, 79-ए दिलशाद गार्डन,
दिल्ली-110095

Money could also be remitted to our a/c which is samayantar, a/c no 27520200000094, Bank of Baroda, Mayur Vihar Ph. I, Delhi – 110091

समयांतर से संबंधित सभी विवादास्पद मामल केवल दिल्ली न्यायालय के अधीन हा­गे।

Email: samayantar.monthly @gmail.com , samayantar @ yahoo.com

7 responses to “Subscribe To Print Edition”

  1. Rajendra Dhakal

    I want to read the print Samayantar.

  2. jagdish Lohra

    print edition uplabdh karane ka agrah.

  3. ashish garg

    i did not receive print edition till now.
    ashish
    jaipur

  4. ASHWINI

    मैंने subscribe kiya tha par aaj tak ek bhi prti nahi aai …. ashwini 9210473599
    AAPKI SIDE PAR CONTACT ADDRESS NAHI HAI …,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
    अर्थव्यवस्था : सिर्फ जरूरी सामानों की कीमतें क्यों बढ़ती हैं? LEKH CHHAPNE KE LIYE DHNYVAD

  5. डॉ. प्रमोद मीणा

    नमस्ते सर,
    मैं समयांतर का नियमित पाठक रहा हूं। अपने विश्विद्यालय के पुस्तकालय में भी मैंने आपकी पत्रिका की अनुशंसा की है और वहां ये आ भी रही है। किंतु मेरे द्वारा एक साल की बार्षिक सदस्यता का शुल्क आपके यहां प्रेषित करने पर भी पत्रिका मुझे नहीं मिल रही है। 2-4 बार आपकी पत्रिका से जुड़े कई लोगों से इस बाबत संपर्क भी दूरभाष पर किया गया किंतु समस्या हल न हो सकी। मुझे शुल्क की अदायगी के उपरांत एक अंक अवश्य मिला था किंतु फिर कोई अंक नहीं मिला। इस प्रसंग को लगभग एक साल हो चुके हैं। मैं पुन: शुल्क देने को तैयार हूं किंतु आशंका है कि फिर पुरानी कहानी न दोहरायी जाये।
    आपके उत्तर की प्रतीक्षा में ….
    सादर
    प्रमोद मीणा (PRAMOD MEENA),
    सहायक प्रोफेसर, हिंदी विभाग, पाँडिचेरी विश्वविद्यालय,
    कालापेट, पुडुच्चेरी – 605014

  6. Ishwarbhai Prajapati

    Kindly make the facility of online payment for the subscription of Samayantar magazine.

  7. Kulbhusan mishra

    Sir I want to subscribe the print magazine

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