समाज विज्ञान : हिंदुत्व की स्त्रीवादी चीरफाड़
गायत्री आर्य स्त्रीत्व से हिंदुत्व तक: चारू गुप्ता; पृष्ठ: 287; मूल्य : रु. 500 ; राजकमल ISBN 9788126722389 भारत में सांप्रदायिकता के उदय व विकास पर काफी लेखन हो चुका है। चारु गुप्ता उस ऐतिहासिक लेखन को अधूरा समझती हैं, क्योंकि उसमें महिला व सांप्रदायिकता के अंतर्संबंधों पर बेहद कम लिखा गया है। अध्यापिका व [Read the Rest...]
शब्द कोश : डिजिटल विभाजन के खिलाफ
वेदप्रकाश कंप्यूटर व सूचना प्रौद्योगिकी शब्दकोश: विनोद कुमार मिश्र; राधाकृष्ण प्रकाशन; मूल्य: रु. 500 ISBN : 978-81-8361-507-5 भारत में अब कंप्यूटर और इंटरनेट का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इसके लिए किसी महंगे कंप्यूटर की जरूरत नहीं है, अपने मोबाइल या टैब (टेबलेट पीसी) द्वारा भी इंटरनेट तक पहुंचा जा सकता है। शुरुआती हिचक [Read the Rest...]
उस दुनिया का दूसरा सच
शिवानी चोपड़ा नगरवधुएं अखबार नहीं पढ़तीं: अनिल यादव; पृष्ठ:112; मूल्य : रु. 100 ; अंतिका प्रकाशन ISBN 9789380044675 कथा अपने समय को भाषा में लिखने का आख्यान है। यही कोशिश इस संग्रह की पहली कहानी में भी की गई है। बनारस जैसे पुराने, परंपरावादी और धार्मिक संस्कृति और ठगी से लैस परिवेश, जिसे कहानी में [Read the Rest...]
कहानी : तमाशा
सआदत हसन मंटो, प्रस्तुति: अनवार रिज्वी दो तीन रोज से तैयारे (हवाई जहाज) स्याह उकाबों की तरह पर फैलाए खामोश फिजा में मंडला रहे थे। जैसे वह किसी शिकार की जुस्तजू में हों। सुर्ख आंधियां वक्तन फवक्तन किसी आने वाले खूनी हादसे का पैगाम ला रही थी। सुनसान बाजारों में मुसल्लह पुलिस की गश्त एक [Read the Rest...]
संस्मरण : करुणा उपजाती अज्ञेयता
महावीर सरवर अपने अपने अज्ञेय: सं.: ओम थानवी; (दो खंड) वाणी प्रकाशन ; पृष्ठ : 1053; मूल्य : रु. 1500, ISBN : 9789350009161, ISBN : 9789350009178 अगर गहराई से अज्ञेय के जीवन और साहित्य की पड़ताल की जाये तो उनकी छवि शेक्सपियर के किसी दुखांत नाटक के केंद्रीय पात्र की बनती है जो उनके प्रति [Read the Rest...]
मंटो-शताब्दी: …बड़ा अफसाना निगार
सआदत हसन मंटो यदि जीवित होते तो इस साल सौ के हो जाते, उस हिंदुस्तान से 35 साल ज्यादा बुजुर्ग जिसे वह शिद्दत से प्यार करते थे और जिसे छोड़कर वह पाकिस्तान नाम की एक अनजान-सी जगह नहीं जाना चाहते थे, पर जहां त्रासद स्थितियों में अंतत: उन्हें जाना पड़ा। उनके करीबी दोस्त अहमद राही [Read the Rest...]
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