Wednesday, February 21, 2018

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ओम पुरी : किरदारों का संगतराश

प्रताप सिंह स्टार-सिस्टम की पुश्तैनी-शर्तों की जंजीरों और सजीले नकली नायकवाद के मिथ को तोडऩे वाले ओमपुरी अब हमारे बीच नहीं हैं। उनका खुरदरा चेहरा थिएटर (एनएसडी) और समांतर-सिनेमा की...

‘जब मैंने यह दृश्य देखा तो मेरा दिल बिखर गया’

मेरिल स्ट्रीप अमेरिकी लोकतंत्र की बहुआयामिकता, अमेरिकी समाज में तमाम जकड़बंदियों के बावजूद एक निरंतर खुले स्पेस के लिए व्याकुलता और वहां के सार्वजनिक जीवन में साहस और समझ की...

दल बदल का दंगल

प्रेम पुनेठा उत्तराखंड में कांग्रेस के नेता यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और दो घंटे के बाद ही उनको पार्टी...

राज्यों के चुनाव संकट में साइकिल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर अजय सिंह क्या 2017 के नतीजे 2012 के नतीजों को दोहराएंगे? उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजा में कई सवाल गूंज रहे हैं। क्या 'हाथ’...

फिर मीडिया ट्रायल

तीस्ता सीतलवाड़ खुद को आजाद पत्रकारिता का दावा करने वाले इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल की ओर तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ खासकर टाइम्स नाऊ २३ की ओर से सोमवार की रात न्यूज...

ब्रह्मांड की रचना और हिग्स बोसॉन यानी कण-कण में विज्ञान

हाल ही में (4 जुलाई) योरोपीय नाभिकीय अनुसंधान केंद्र (सर्न) के वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि उन्होंने एक नए सब-एटोमिक कण की खोज में सफलता हासिल कर ली है।...

भारत विभाजन क्यों हुआ?

पैरी एंडर्सन मार्क्‍सवादी अमेरिकी इतिहासकार और चिंतक पैरी एंडरसन ने योरोप और विश्व इतिहास पर महत्वपूर्ण काम किया है। वह 1962 से न्यू लैफ्ट रिव्यू के संपादक हैं। एंडरसन ने...

प्राकृतिक संसाधनों की लूट की परियोजनाएं–1

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने लगता है अपने एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है। उनके साथ उन लोगों की एक बड़ी जमात जुट गई है जो...

टिहरी बांध : बांध में डूबी जिंदगियां

हम अभी-अभी नई टिहरी से लौटे हैं। आगराखाल से नरेंद्रनगर के बीच उतरती शाम में बादलों के बीच छिप-छिप कर डूबते सूरज की लालिमा भी मन को बांध नहीं पाई।...

संपादकीय : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम पैसा कमाने की स्वतंत्रता

इस वर्ष दो ऐसी बड़ी घटनाएं हुई हैं जो देश के मीडिया उद्योग को तेजी से एकाधिकारी और संकेंद्रित करने में निर्णायक साबित होने जा रही हैं।  यह इस...

पत्र : इस आक्रमण की निंदा करें

आज 'झुनझुनवाला और उनके परिवार पर आक्रमण' का स्तब्ध करनेवाला समाचार पढ़ा। इस को पढ़कर मैं स्तब्ध हूं। यह उत्तराखंड के लिए अच्छा संकेत नहीं है। मैं अपने सभी...

संपादकीय : प्रशासन को अंग्रेजी क्यों चाहिए?

दिल्ली उच्च न्यायालय में अगस्त के मध्य में एक जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। याचिका में कहा गया है कि संघीय लोकसेवा आयोग द्वारा सिविल सेवाओं की परीक्षा...

बांध : विकास नहीं विनाश का पर्याय

हिमालय के स्वभाव में समाहित भूस्खलन, बाढ़ और भूकंप के खतरों को पनबिजली परियोजनाओं ने बहुगुणित कर दिया है। उत्तराखंडवासी सोचते थे कि टिहरी बांध के निर्माण, 1991 तथा...

सामान्य गुजरात बनाम मोदी का गुजरात

इस तथ्य से सभी अवगत हैं कि गुजरात प्रदेश प्राचीन समय से ही समृद्ध रहा है। यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय पशु-पालन और वाणिज्य था। इसमें यहां के...

मीडिया और मोदी

हाल ही में दो खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। पहली, चर्चित अमेरिकी पत्रिका टाइम के कवर पर गुजरात के विवादास्पद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और दूसरी दुनियाभर...

ओम पुरी : किरदारों का संगतराश

प्रताप सिंह स्टार-सिस्टम की पुश्तैनी-शर्तों की जंजीरों और सजीले नकली नायकवाद के मिथ को तोडऩे वाले ओमपुरी अब हमारे बीच नहीं हैं। उनका खुरदरा चेहरा थिएटर (एनएसडी) और समांतर-सिनेमा की...

‘जब मैंने यह दृश्य देखा तो मेरा दिल बिखर गया’

मेरिल स्ट्रीप अमेरिकी लोकतंत्र की बहुआयामिकता, अमेरिकी समाज में तमाम जकड़बंदियों के बावजूद एक निरंतर खुले स्पेस के लिए व्याकुलता और वहां के सार्वजनिक जीवन में साहस और समझ की...

दल बदल का दंगल

प्रेम पुनेठा उत्तराखंड में कांग्रेस के नेता यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और दो घंटे के बाद ही उनको पार्टी...

राज्यों के चुनाव संकट में साइकिल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर अजय सिंह क्या 2017 के नतीजे 2012 के नतीजों को दोहराएंगे? उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजा में कई सवाल गूंज रहे हैं। क्या 'हाथ’...

फिर मीडिया ट्रायल

तीस्ता सीतलवाड़ खुद को आजाद पत्रकारिता का दावा करने वाले इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल की ओर तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ खासकर टाइम्स नाऊ २३ की ओर से सोमवार की रात न्यूज...
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मीडिया का भगवान

रामप्रकाश अनंत अनजानी चीजों के बारे में जानने की मनुष्य की स्वाभाविक जिज्ञासा रही है। इसी जिज्ञासा के चलते दो मतों का विकास हुआ। पहले...

घटनाक्रम : मई 2013

निधन - प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका रूथ प्रवेर झाबवाला मूल (7 मई, 1927-3 अप्रैल, 2013) का न्यूयार्क में निधन। जर्मन यहूदी मूल की झाबवाला...

दिल्ली मेल : शीतयुद्ध के पुराने हथियार, नये प्रहार

पिछले पांच सप्ताह से जनसत्ता ने ऐसी बहस चला रखी है, जिसके लिए एब्सर्ड (बेहूदी, इसलिए नहीं कह सकते क्योंकि हिंदी में बेहतर पर्यायवाची...

दिल्ली मेल : शारीरिक बनाम मानसिक रुग्णता

पहले यह टिप्पणी देख लीजिए: ''एक गोष्ठी में एक थोड़े जी आए और एक अकादमी बना दिए गए कवि के बारे में बोले वह...

सामान्य गुजरात बनाम मोदी का गुजरात

इस तथ्य से सभी अवगत हैं कि गुजरात प्रदेश प्राचीन समय से ही समृद्ध रहा है। यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय पशु-पालन और...

जसम फिर अज्ञेय-भक्तों के हवाले!

अज्ञेय को चाहे कितना भी दक्षिणपंथी, वामपंथ-विरोधी और व्यक्तिपरक चिंतन का पुरोधा साहित्यकार क्यों न कहा जाए, वह वामपंथी कहे जाने वाले सांस्कृतिक संगठन...