One response to “संस्कृति : भारतीय साहित्य और मुसलमान”

  1. डा.दयाराम आलोक

    हिन्दी में दोहा छद अति लोकप्रिय है और कबीर और रहीम के दोहे हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने का अनुपम अनुष्ठान ही कहा जाएगा। ये कवि कट्टर हिन्दुत्व या कट्टर ईस्लामी विचारधारा से हटकर लोकोपयोगी संदेशवाहक थे और इसी कारण इनकी रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर हैं और बात चीत में अपने विचारों की पुष्टि के लिये कबीर या रहीम के दोहे प्रस्तुत करते हैं।

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