भारत के बारे में मार्क्स: एक संशोधनवादी एजेंडा
August 15th, 2010विशेष लेख
मार्क्स ने अरब, तुर्क, तरतार, मुगलों आदि द्वारा भारत की फतह के लिए खुद भारत पर ही दोष मढ़ है। उनकी इस दलील को ऐसे भी पढ़ा जा सकता हैः यदि बर्बर सभ्यताएं दूसरे देशों पर फतह कर सकती हैं, तो उच्चतर सभ्यताओं के पास ऐसी बर्बर कार्रवाइयां करने का स्वाभाविक अधिकार निर्विवाद रूप [...]