फैजाबाद के दंगे में मीडिया की भूमिका
कृष्ण प्रताप सिंह जैसा कि अयोध्या फैजाबाद पर घहराने वाली प्राय: हर विपदा के समय होता है, बीते दशहरे 24 अक्टूबर को फैजाबाद में हुए उपद्रवों के दौरान हिंदी प्रिंट मीडिया के एक बड़े हिस्से की भूमिका उसकी पेशागत नैतिकताओं के विरुद्ध और निहायत गैरजिम्मेदाराना रही। इस हद तक कि किसी को भी बरबस 1990-92 [Read the Rest...]
मीडिया : पत्रकारों को हत्यारा किसने बनाया?
विजय चावला कानपुर में एक वरिष्ठ वकील, रामेन्द्र, की हत्या में अन्य के अलावा तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी ने बाहर के समाचार पत्रों से जुडे तमाम लोगों के समक्ष कई सवाल खड़े किए हैं, जिसमें पत्रकारों की नैतिकता, इस पेशे का भविष्य, मीडिया की विश्वसनीयता इत्यादि सभी शामिल हैं। लेकिन कानपुर में इस पर कोई [Read the Rest...]
मीडिया और मोदी
हाल ही में दो खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। पहली, चर्चित अमेरिकी पत्रिका टाइम के कवर पर गुजरात के विवादास्पद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और दूसरी दुनियाभर में सौ प्रभावशाली व्यक्तियों के चुनाव के लिए टाइम पत्रिका के ही करवाए ऑन लाइन पोल में नरेंद्र मोदी को सबसे ज्यादा मिले नकारात्मक वोट रहे। [Read the Rest...]
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