फिल्म

फिल्म: जानें कुछ अनजानी फिल्मों के बारे में

आधुनिक कला के संघर्ष का आख्यान

  समीक्षा/फिल्म सुलतान त्यागी  ‘रंग रसिया’  इस मायने में आख्यानात्मक फिल्म है कि यहअपने समय की महत्त्वपूर्ण मानी जाने वाली घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में मुख्य कथा को अभिव्यक्त करती है। दादा साहेब फालके, जिनको भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है, व राजा रवि वर्मा के संवादों में तत्कालीन सिनेमा के सवाल हैं। यह भी [Read the Rest…]

हैम्लेट में हैदर

लेखक : उत्तरा बिष्ट समीक्षा/फिल्म निर्देशक: विशाल भारद्वाज लेखक: बशारत पीर, विशाल भारद्वाज संगीत: विशाल भारद्वाज अभिनय: शाहिद कपूर, तब्बू, के के मेनन, इमरान खान, श्रृद्धा कपूर सिनेमेटोग्राफी: पंकज कुमार विशाल भारद्वाज निर्देशित फिल्म हैदर  अपने आप में एक नई पहल है। शायद ही व्यावसायिक फिल्मों के किसी और निर्देशक ने यह चुनौतिपूर्ण कार्य करने के [Read the Rest…]

काव्य का जनतांत्रीकरण

गीतकार राजेन्द्र कृश्ण का हिन्दी फिल्मी गीत को योगदान लेखक : कांति मोहन गीत रंजो-गम से भरपूर हो, सामाजिक विषमता पर विद्रूप करता हुआ हो या बिल्कुल ही हल्का-फुल्का, हंसने-हंसानेवाला हो राजेंद्र कृष्ण उसे ऐसा बना देते थे कि राह चलते लोग उसे गुनगुनाने लगते थे और उसकी अनुगूंज चारों ओर सुनाई देने लगती थी।  [Read the Rest…]

हास्य – व्यंग्य का वीक्षोभ काल

लेखक : कवीता कृष्णपल्लवी संस्कृति और राजनीति की नकारात्मक प्रवृत्तियों पर चोट करने के और ‘पोलेमिकल’ लेखन के लिए व्यंग्य शैली का प्राय: इस्तेमाल किया जाता रहा है। विश्व साहित्य में सर्वांतेस और दिदेरो से लेकर मार्क ट्वेन, ब्रेष्ट और लूशुन तक कई नाम उदाहरण के तौर पर लिए जा सकते हैं। हिंदी साहित्य में [Read the Rest…]

Page 1 of 212