Friday, November 24, 2017

क्रांति की विरासत

महान अक्टूबर क्रांति का यह सौंवा वर्ष चल रहा है। इस क्रांति ने समतावादी-साम्यवादी विचार को न केवल पहली बार मजबूती के साथ जमीन पर उतारा और पूरी दुनिया...

बाजीगरी की सीमाएं

अगर 30 दिसंबर के बाद कोई मेरी कमी रह जाए, कोई गलती निकल जाए...आप जिस चौराहे में खड़ा करेंगे, मैं खड़ा हो के देश जो सजा देगा वह भुगतने...

बाजीगरी की सीमाएं

अगर 30 दिसंबर के बाद कोई मेरी कमी रह जाए, कोई गलती निकल जाए...आप जिस चौराहे में खड़ा करेंगे, मैं खड़ा हो के देश जो सजा देगा वह भुगतने...

संपादकीय : रास लीला, राम लीला और ‘न्याय लीला’

उपरोक्त शब्दों में तीसरा शब्द जो अर्थ प्रेषित करता है वह रास लीला और राम लीला से बिल्कुल भिन्न है। 'न्याय लीला’ कहते ही जो बोध होता है वह...

संपादकीय : दंगों का लोकतंत्र

मुजफ्फरनगर दंगे भारतीय लोकतंत्र के भविष्य को लेकर एक गंभीर आशंका पैदा करते हैं। ये सत्ता पर कब्जा करने के एक निश्चित पैटर्न की ओर इशारा करते हैं जिसका...

संपादकीय : भाषा और राजनीति

पिछले दो महीनों में कुछ ऐसी घटनाएं घटीं, जिन्होंने औपनिवेशिक बनाम भारतीय भाषाओं के संघर्ष और द्वंद्व को एक बार फिर सामने ला दिया। यह बात और है कि...

संपादकीय : ‘दैवीय आपदा’ का दानवीय सच

उत्तराखंड की त्रासदी जिस हद तक मानव निर्मित है वह स्तब्धकारी है। आपदा होने से कहीं ज्यादा यह दुर्घटना है जिसे निश्चय ही रोका जा सकता था। इसे दैवीय...

संपादकीय : भाषा और वर्चस्व

हिंदी: कान से ढाका तक इस महीने एक छोटी पर महत्त्वपूर्ण घटना घटी। वह थी दुनिया के अत्यंत प्रतिष्ठित फिल्म समारोह कान, फ्रांस के उद्घाटन समारोह में हिंदी में प्रयोग।...

संपादकीय : बलात्कार , मजदूर और चिट-फंड

बलात्कार को लेकर पिछले चार महीनों से जो उथल-पुथल हमारे समाज में देखने को मिल रही है वह हमारे समाज में हो रहे गंभीर सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक बदलावों...

संपादकीय

हथियार और राजनीति का संबंध यह देखना कम निराशाजनक नहीं है कि अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों की खरीद के मसले को लगभग सारा मीडिया पूरे संदर्भ से काट कर देख रहा है।...