Friday, November 24, 2017

दिल्ली मेल : लिट फेस्टिवों की भरमार

जयपुर लिट फेस्ट ने और जो किया हो, पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेजी साहित्य की धूम मचा दी है। अकेले दिसंबर माह में ही देश में तीन साहित्यिक समारोह...

दिल्ली मेल : साहित्य, सत्ता और भ्रष्टाचार

साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष और बंगला लेखक सुनील गंगोपाध्याय के आकस्मिक निधन ने उनके और तस्लीमा नसरीन के बीच के विवाद को यद्यपि कुछ हद तक पृष्ठभूमि में धकेल...

दिल्ली मेल : लेखन और सत्ता की असहिष्णुताः संदर्भ तस्लीमा नसरीन

'इस्लाम की बेटियां' जैसा विषय हो और तस्लीमा नसरीन उपस्थित होने के बावजूद न बोलें, यह सामान्य नहीं है। हमारा इशारा हंस के वार्षिकोत्सव की ओर है जिसमें इस...

दिल्ली मेल : राजेंद्र यादव, गोपीचंद नारंग,अकादमी और भिड़ंत

राजेंद्र यादव के बहाने राजेंद्र यादव का हिंदी साहित्य को रचनात्मक योगदान बड़ा है या उनका हिंदी साहित्य के वर्तमान परिदृश्य को जीवंत बनाये रखने का, इस बारे में तय...

दिल्ली मेल : नौ सौ चूहे खाके……..

हज का रास्ता सरकारी कर्मचारियों, विशेष कर ऐसे कर्मचारियों के लिए जो जिंदगी भर मलाईदार या ताकत के पदों पर रहे हों, सेवानिवृत्ति ऐसी घटना है जो अच्छे-अच्छों को दार्शनिक...

दिल्ली मेल : भ्रष्टाचार का महाचक्र

केंद्रीय हिंदी संस्थान को लेकर इधर जो समाचार आ रहे हैं वे कमोबेश हिंदी के नाम पर चलनेवाले गोरखधंधे का उदाहरण हैं। कभी वह दौर था जब हमारे राजनेता...

दिल्ली मेल : पर उपदेश कुशल बहुतेरे

समयांतर और पंकज बिष्ट ओम थानवी का किस तरह से पीछा (हांट) करते हैं उसका उदाहरण इधर तहलका पाक्षिक में छपा उनका साक्षात्कार है। यह साक्षात्कार कई तरह की...

दिल्ली मेल : शीतयुद्ध के पुराने हथियार, नये प्रहार

पिछले पांच सप्ताह से जनसत्ता ने ऐसी बहस चला रखी है, जिसके लिए एब्सर्ड (बेहूदी, इसलिए नहीं कह सकते क्योंकि हिंदी में बेहतर पर्यायवाची सूझ नहीं रहा है) सबसे...

दिल्ली मेल : प्रलेस में बदलाव

प्रलेस में बदलाव अंतत: प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) का अध्यक्ष बदल ही गया है। दिल्ली में 12 अप्रैल से शुरू हुए तीन दिन के 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन में नामवर सिंह...