अतिथि संपादकीय : पूंजीवाद के बरक्स समाजवाद का सपना
तरक्की के तमाम दावों के आइने में जब हम आसपास देखते हैं तो असमानता, शोषण, दमन, गरीबी, बेरोजगारी और विकास के नाम पर की जा रही लूट-खसोट का एक अंतहीन सिलसिला नजर आता है। यह सब उस पूंजीवादी व्यवस्था में हो रहा है जो कहती है कि उसका कोई विकल्प नहीं और वही मनुष्य के [Read the Rest...]
पूंजी की गैस, सत्ता की हवा
इस महीने हुए मंत्री मंडलीय हेर-फेर ने कांग्रेसी नेतृत्ववाली सरकार और उसके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की शक्ति और क्षमता को पुनर्स्थापित किया हो या न किया हो पर इस सच्चाई को बहुत ही मोटे-मोटे शब्दों में स्थापित कर दिया कि आज के भारत में सरकार से ज्यादा ताकतवर अंबानी बंधु हैं। वे जब चाहें किसी [Read the Rest...]
लोकतंत्र की ढाल, पूंजीवाद का साम्राज्य
”हेगेल ने कहीं कहा था कि दुनिया के तमाम महान ऐतिहासिक तथ्य और व्यक्तित्व अपने को दोहराते हैं, लेकिन वह यह कहना भूल गए कि पहली बार त्रासदी के रुप में और दूसरी बार प्रहसन के रूप में।” -कार्ल मार्क्स, ‘द एटीन्थ ब्रूमायर ऑफ लुई बोनापार्ट’ भारत में वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद [Read the Rest...]
अण्णा और रामदेव का आंदोलन राजनीतिक शून्य की देन
भारत में पिछले डेढ़-दो साल में भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष और ‘व्यवस्था में बदलाव’ के लिए अचानक दो ‘नायक’ सामने आए हैं। ये दोनों किसी जनांदोलन या राजनीतिक आंदोलन की उपज नहीं हैं, बल्कि दोनों ने राजनीति तथा राजनीतिक आंदोलन का प्रहसन ही ज्यादा किया है। ये हैं अण्णा हजारे और योग कराने वाले बाबा [Read the Rest...]
किसके लिए ओलंपिक
ओलंपिक को धरती पर खेलों के सबसे बड़े चमत्कार के तौर पर पेश किया जाता है। लंदन ओलंपिक-2012 भी इस ‘चमत्कार’ का अपवाद नहीं है। भारी-भरकम खर्चे के साथ लंदन ओलंपिक ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंसी है। देशों की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) लगातार ढलान [Read the Rest...]
निरामिषता की हिंसक राजनीति
अप्रैल में हैदराबाद के उस्मानिया विश्व-विद्यालय में एक ऐसा उत्सव हुआ जिसने हिंदुत्ववादी-ब्राह्मणवादी ताकतों खासकर संघ परिवार को अंदर से हिला कर रख दिया है। जिस गाय को राजनीतिक हथियार बनाकर हिंदुत्ववादी ताकतें मुसलमानों को निशाना बनाती रही हैं, अब हिंदुत्ववादी ताकतों को इसी हथियार से दलित समुदाय के नौजवानों ने चुनौती दी है। उस्मानिया [Read the Rest...]
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