हिंदी उपन्यास में देह व्यापारः स्त्री की नजर से
हिंदी उपन्यास हिंदी में साहित्य-चर्चा की हालत अनेक तरह के अंतर्विरोधों से ग्रस्त है। अमूमन चर्चा उन्हीं लोगों और मुद्दों को लेकर होती है जिनका संबंध किसी-न-किसी रूप में सत्ता केंद्रों के साथ होता है। हिंदी समाज के लोग सांसें एक भाषा की लेते हैं, जबकि खुद को व्यक्त दूसरी भाषा में करते हैं। लिखते [Read the Rest...]
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